23 नवंबर को होगा भूमि पूजन, केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उइके होंगे मुख्य अतिथि के हस्ते होगा 108 कुण्डीय महायज्ञ का भूमिपूजन

 

108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ को लेकर तैयारियां तेज
गायत्री प्रज्ञा पीठ आमला में हुई महत्वपूर्ण विचार गोष्ठी

कार्ययोजना पर हुई विस्तृत चर्चा, जिम्मेदारियां हुई तय

आमला। गायत्री प्रज्ञा पीठ आमला में रविवार को 108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ की तैयारी को लेकर एक महत्वपूर्ण विचार गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें आगामी महायज्ञ को सफल बनाने हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। कार्यक्रम में गायत्री परिवार के वरिष्ठ परिजनों ने जिम्मेदारियों का विभाजन कर कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया। गोष्ठी में यह भी बताया गया कि प्रत्येक गांव और वार्ड में जनभागीदारी बढ़ाने के लिए टोली निर्माण किया गया है। आयोजन को भव्य बनाने के लिए सभी विभागों आवास व्यवस्था, भोजन, मंच, धार्मिक अनुष्ठान, कलश यात्रा आदि की समीक्षा की गई। उपस्थित सदस्यों ने कहा कि यह यज्ञ क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्‍त करने का अमूल्य अवसर है। बैठक में सेवाभावी युवा टीमों को भी सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया

23 नवंबर को होगा भूमि पूजन, केंद्रीय मंत्री होंगे मुख्य अतिथि

गोष्ठी के दौरान बताया गया कि 108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का भूमि पूजन कल 23 नवंबर 2025, रविवार को प्रातः 10 बजे से रेलवे स्टेडियम हवाई पट्टी आमला में सम्पन्न होगा। यह कार्यक्रम महायज्ञ की औपचारिक शुरुआत का महत्वपूर्ण चरण है, जिसके लिए सभी व्यवस्थाएं लगभग पूरी कर ली गई हैं। भूमि पूजन कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री श्री दुर्गादास उईके भी विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगे। आयोजन समिति ने उनकी उपस्थिति को क्षेत्र की बड़ी उपलब्धि बताया। कार्यक्रम स्थल पर मंच, पंडाल निर्माण और श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था तेजी से की जा रही है। यज्ञ स्थल पर ऊर्जा संवर्धन को प्रतीकात्मक रूप से दर्शाने वाले विशाल अग्नि कुंडों का लेआउट भी लगभग तैयार है। समिति ने अधिक से अधिक नागरिकों से उपस्थिति की अपील की है।
उपजोन स्‍तरीय बैठक : भूमिपूजन कार्यक्रम के पश्‍चात उपजोन स्‍तरीय बैठक भी यज्ञ स्‍थल पर होगी जिसमें उपजोन समन्‍वयक दिनेश देशमुख के साथ चार जिलों छिंदवाड़ा सिवनी पांढुर्ना बैतूल के समन्‍वयक भी आमला में आयेगें और विशेष गोष्‍ठी समपन्‍न होगी

महायज्ञ के लिए जोरों पर तैयारियां, गांव-गांव से जुट रहा सहयोग

योजना के अंतर्गत गायत्री परिवार की टोली गांव-गांव पहुंचकर नागरिकों को महायज्ञ के उद्देश्य और महत्व की जानकारी दे रही है। बताया गया कि 19 से 22 दिसंबर तक होने वाले इस विशाल आध्यात्मिक आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इसके मद्देनजर परिवहन, पेयजल, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्वयंसेवकों द्वारा कलश निर्माण, समिधा संग्रह और संस्कार सामग्री तैयार करने जैसे कार्य निरंतर जारी हैं। प्रज्ञा पीठ परिसर में प्रतिदिन बैठकों के माध्यम से सभी विभागों का समन्वय सुनिश्चित किया जा रहा है। सदस्यों ने कहा कि यह आयोजन न केवल धार्मिक, बल्कि सामाजिक जागरण का भी बड़ा अभियान है। ग्रामीण क्षेत्र के लोग भी पूर्ण उत्साह के साथ सहयोग प्रदान कर रहे हैं, जिससे आयोजन की ऊर्जा और बढ़ गई है।

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